मीना मंच का सशक्तिकरण: किशोरों में जीवन कौशल और आत्मसम्मान बढ़ाने की नई पहल
उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को और अधिक समावेशी व प्रभावशाली बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। हाल ही में ‘समग्र शिक्षा’ अभियान के तहत ‘स्पेशल प्रोजेक्ट फॉर इक्विटी’ को मंजूरी मिली है, जिसका उद्देश्य मीना मंच को सशक्त बनाना, नेतृत्व क्षमता विकसित करना और बच्चों में आत्मविश्वास जगाना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत प्रमुख कार्यक्रमों पर जोर है—किशोरों के लिए जीवन कौशल शिक्षा और सेल्फ-एस्टीम एवं बॉडी कॉन्फिडेंस लाइफ स्किल।
इन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सीमैट, प्रयागराज में राज्य स्तरीय टीओटी और मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशालाएं आयोजित होंगी। टीओटी कार्यशाला 31 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक चलेगी, जबकि मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशालाएं7 से 17 सितंबर 2026 तक नौ बैचों में होंगी, जिनमें विभिन्न जिलों से शिक्षक और संदर्भदाता शामिल होंगे।
राज्य सरकार ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए 19,34,000 रुपये का बजट स्वीकृत किया है। प्रशिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए सभी मास्टर ट्रेनर्स और प्रतिभागियों को एक विशेष प्रशिक्षण किट दी जाएगी, जिसमें बच्चों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों को समझने और बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए जरूरी सामग्री होगी।
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