उत्तर प्रदेश के उच्च प्राथमिक और कम्पोजिट विद्यालयों में MHM (माहवारी स्वच्छता प्रबंधन) क्लब का गठन: आदेश और संपूर्ण जानकारी
शिक्षा विभाग ने किशोरावस्था की बालिकाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सशक्तीकरण को ध्यान में रखते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय (रिट पिटीशन संख्या: 1000/2022 डॉ० जया ठाकुर बनाम भारत सरकार) के हालिया निर्णय के अनुपालन में, प्रदेश के सभी उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में अब 'एम०एच०एम० (MHM) क्लब' का गठन अनिवार्य कर दिया गया है।
इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को उनके अंदर हो रहे शारीरिक व हार्मोनल परिवर्तनों के प्रति जागरूक करना और माहवारी के दौरान होने वाली समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान देना है।
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आइये जानते हैं इस एम०एच०एम० क्लब की रूपरेखा और इसके अंतर्गत होने वाली प्रमुख गतिविधियों के बारे में:
- एम०एच०एम० (MHM) क्लब का स्वरूप और गठन
- इस क्लब में विद्यालय की 10-12 छात्राओं का एक समूह बनाया जाएगा, जो एम०एच०एम० सहकर्मी (Peer Educator) के रूप में कार्य करेंगी।
- क्लब का गठन मीना मंच के सुगमकर्ता (Facilitator) द्वारा किया जाएगा।
- क्लब की छात्राएं अपने साथियों के साथ सुरक्षित प्रथाओं और व्यवहार पर ज्ञान के प्रसार के लिए हर 15 दिन (पाक्षिक) में बैठकें आयोजित करेंगी।
क्लब की प्रमुख गतिविधियां:
- पैड बैंक की स्थापना: प्रत्येक स्कूल में एक 'पैड बैंक' बनाया जाएगा। आपात स्थिति में छात्राएं यहां से निःशुल्क पैड प्राप्त कर सकेंगी। पैड बैंक में बालिकाओं की संख्या के अनुसार सेनेटरी पैड, इनर वियर, स्पेयर स्कूल यूनीफॉर्म और डिस्पोजेबल बैग रखे जाएंगे। इसकी व्यवस्था के लिए विद्यालय की कम्पोजिट ग्रांट (Composite Grant) से धनराशि का उपयोग किया जा सकेगा।
- जागरूकता सत्र (MHM संवाद): भ्रांतियों को दूर करने के लिए महीने में एक बार डॉक्टर या एएनएम (ANM) के साथ 'एमएचएम संवाद' आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्राओं की माताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।
- एम०एच०एम० कॉर्नर: विद्यालय की एक दीवार को MHM कॉर्नर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ माहवारी स्वच्छता से संबंधित पेंटिंग और स्लोगन प्रदर्शित किए जाएंगे।
- पोषण और प्रशिक्षण: बालिकाओं को पैड के सही इस्तेमाल, उसके सुरक्षित निपटान और माहवारी के दौरान आयरन युक्त आहार के महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा।
MHM संवाद का वार्षिक गतिविधि कैलेंडर बालिकाओं को शिक्षित करने और कुप्रथाओं को दूर करने के लिए विभाग ने एक निर्धारित कैलेंडर भी जारी किया है:
- जुलाई: सेनेटरी पैड, कपड़ा पैड और मेंस्ट्रुअल कप जैसे अवशोषकों के प्रकार और उपयोग।
- अगस्त - सितम्बर: डॉक्टरों और RBSK टीम द्वारा एनीमिया और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर सत्र।
- अक्टूबर: प्रजनन प्रणाली और मासिक धर्म चक्र की जानकारी।
- नवम्बर - दिसम्बर: स्वच्छता व्यवहार पर चर्चा, मिथकों को तोड़ना और पारंपरिक रूढ़ियों पर पुनः विचार।
- जनवरी: 'चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो' के तहत सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता।
- फरवरी: गृह विज्ञान शिक्षिका द्वारा कपड़े का पैड (कम-लागत और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प) बनाने का DIY प्रशिक्षण।
- मार्च: मासिक धर्म अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण और मटका भस्मक (Incinerator) का निर्माण।
- अप्रैल: पोषण और मासिक धर्म पर चर्चा।
क्रियान्वयन और अनुश्रवण विद्यालय स्तर पर इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक या वार्डेन के नेतृत्व में मीना मंच सुगमकर्ता की होगी। खण्ड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) क्षेत्र भ्रमण के दौरान इन गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेंगे।
यह आदेश बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में बालिकाओं के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बहुत ही सकारात्मक पहल है। सभी शिक्षकों और संस्था प्रधानों को निर्धारित समय सारिणी के अनुसार इन गतिविधियों का गुणवत्तापरक संचालन सुनिश्चित करना है।

