बेटी जग उजियार हो

मीना मंच
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शिक्षा से जीवन मे आयेगी खुशियां,
बिटिया का देव पढ़ाय हो,
अपने गोड़े हाथे जब होए जईहे,
तब ही रचायो बियाह हो।
लड़िका के अइसन बिटिया पढ़ायो ,
भाई मानो कहना हमार हो।
अरे अरे मैया,कोखिया के भितरा,
बिटिया का डारेयो ना मार हो
कन्या भूण हत्या को रोको सब जन
भाई मानो कहना हमार हो।
बिन बिटिया तो सावन भैया, तनिको जिन का नाही भाय हो,
सज धज बहने जब राखी बाधै
मन पुलकित होए जाये हो।
बेटी का कम नाही समझेयो कोई
बेटी जगत उजियार हो।

सुरभि
सुगमकर्ता मीना मंच
उच्च प्राथमिक विद्यालय झूरीकुइयां
विशेश्वरगंज
बहराइच

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